
Quote of the Day
सुव्याहृतानि सुधियां सुकृतानि ततस्ततः ।
सञ्चिन्वन्धीर आसीत शिला हारी शिलं यथा ॥ ३३ ॥
भावार्थ :
जैसे उष्छवति से जीविका चलाने वाला एक-एक दानों चुगता रहता है, उसी प्रकार धोर पुरुष को सत्कर्मो का संग्रह करते रहना चाहिये ॥ ३३ ॥
(विदुर नीति : अध्याय : २ श्लोक संख्या : ३३ )


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“International Hindu School organized Bhasha Utsav and Bal Maitri Diwas 2025.”





“There are new book arrivals in the school library.”
